एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की राज्य स्तरीय क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक प्रतियोगिता का रंगारंग समापन हुआ, मंत्री डॉ. टेकाम ने विजेताओं को किया पुरस्कृत

 


अनुसूचित जाति और जनजाति विकास मंत्री डॉ. प्रेम साय सिंह टेकाम की अध्यक्षता में आज एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की तीन दिवसीय राज्य स्तरीय क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक प्रतियोगिता का समापन पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में किया गया। प्रतियोगिता में बस्तर संभाग ओवर ऑल चैम्पियन रहा। राज्य खेल प्रतियोगिता में बस्तर संभाग ने प्रथम, सरगुजा ने द्वितीय और बिलासपुर संभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। इसी प्रकार सांस्कृतिक और बौद्धिक प्रतियोगिता में 14 वर्ष से कम आयु वर्ग और 19 वर्ष तक के आयु वर्ग समूह के लिए सांस्कृतिक एवं बौद्धिक प्रतियोगिता में बिलासपुर संभाग ने प्रथम स्थान, दुर्ग संभाग ने द्वितीय और रायपुर सभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मंत्री डॉ. टेकाम ने सभी विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर अनुसूचित जाति और जनजाति विकास विभाग के सचिव श्री डी.डी. सिंह, आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी सहित प्रशिक्षक, कोच और प्रतिभागी विद्यार्थी उपस्थित थे। 

मंत्री डॉ. टेकाम ने समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि एकलव्य विद्यालय निःसंदेह आदिवासी छात्र-छात्राओं के सम्पूर्ण विकास का केन्द्र है। जहां न केवल बच्चे शिक्षा ग्रहण करते है, बल्कि शारीरिक मानसिक और सांस्कृतिक विकास भी होता है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के माध्यम से दिसम्बर माह के द्वितीय सप्ताह से राज्य स्तर की इस प्रतियोगिता में विद्यार्थी विद्यालय, जिला, संभाग स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के बाद शामिल हुए हैं। विगत दो साल से कोरोना काल के प्रकोप के बाद भी बच्चों की मेहनत और उत्साह में कमी नहीं आई है, खेलकूद की गतिविधियां हो या फिर सांस्कृतिक और बौद्धिक प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया है। समापन अवसर पर भी बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम मनमोहक प्रस्तुतियां देने के साथ ही शासन की योजनाओं जैसे-स्वच्छता अभियान, जैविक उत्पादन और अन्य योजना का संदेश भी दिया है। 


मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस पर आदिवासी नृत्य महोत्सव में 7 देशों के कलाकार ने भी अपने देश की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी थी। इससे हमारी सांस्कृतिक विरासत बढ़ी है। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। डॉ. टेकाम ने कहा कि प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा को संवारने का मौका मिलता है। इस प्रतियोगिता में जो बच्चे सफल नहीं हुए वे और अधिक मेहनत करें, आने वाले भविष्य में उन्हें अवश्य सफलता मिलेगी। 
अनुसूचित जाति और जनजाति विकास विभाग के सचिव श्री डी.डी. सिंह ने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 15 हजार से अधिक बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। क्रीड़ा प्रतियोगिता में 16 प्रकार की खेल विधाओं में प्रतिभागियों ने प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता 14 वर्ष और 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में बालक और बालिकाओं के लिए आयोजित की गई। 

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