लश्कर ए तैयबा को सीक्रेट जानकारी देने के आरोप में आईपीएस अफसर गिरफ्तार

 


राष्ट्रीय जांच एजेंसी हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के एसडीआरएफ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अरविंद दिग्विजय सिंह नेगी को लश्कर-ए-तैयबा को महत्वपूर्ण जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया है. नेगी लगभग चार महीने पहले तक प्रतिनियुक्ति के आधार पर 11 वर्षों तक एनआईए में प्रतिनियुक्ति में रह चुके हैं और उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों और आतंकी फंडिंग से जुड़े मामलों की जांच की थी. नेगी के खिलाफ नवंबर 2021 से चल रही थी और शुक्रवार को उन्हें गिरफ्तार किया गया है. खास बात ये है कि नेगी पुलवामा हमले की जांच कर रही टीम का का भी हिस्सा थे.


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नेगी पहले से ही खुफिया एजेंसियों की जांच के दायरे में थे और इससे बचने के लिए नेगी ने प्रशासन से एनआईए में अपनी प्रतिनियुक्ति समाप्त करने और उन्हें अपने मूल विभाग, हिमाचल प्रदेश पुलिस में वापस भेजने का आग्रह किया था. वापस कैडर में आने के बाद उन्हें एसडीआरएफ का एसपी बनाया गया था. लेकिन एजेंसियों की जांच जारी थी. नेगी पिछले दो महीने से छुट्टी पर चले गए थे और एनआईए ने नवंबर 2021 में उन्हें दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया था.


जानकारी के मुताबिकग एनआईए द्वारा दिल्ली में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित मामले में अरविंद दिग्विजय सिंह नेगी को गिरफ्तार किया गया है. ये मामला 6 नवंबर, 2021 का है. जिसमें देश भर में फैले ओवरग्राउंड नेटवर्क को लेकर जांच की जा रही थी. दरअसल आतंकवादी हमलों के लिए आतंकी संगठन लश्कर को आवश्यक लॉजिस्टिक और अन्य सहायता प्रदान करता है. वहीं इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था.


गिरफ्तार लोगों से मिली थी खुफिया एजेंसियों को लीड

फिलहाल इस मामले की जांच एजेंसियों को नेगी के बारे में गिरफ्तार लोगों से सुराग मिला था और नेगी ने पकड़े गए लश्कर के एक ओवरग्राउंड वर्कर को एनआईए के कुछ महत्वपूर्ण और गुप्त दस्तावेज उपलब्ध कराए थे.


पुलवामा हमले की जांच टीम में शामिल थे नेगी

आईपीएस अफसर नेगी को टेरर फंडिंग मामले की जांच में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है और उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें एनआईए में ही एसपी रैंक में प्रमोट किया गया था. वहीं वह पुलवामा हमले की जांच करने वाली एनआईए टीम में भी शामिल थे. इसके साथ ही नेगी उस टीम का भी हिस्सा थे जो कश्मीर में आतंकी-पुलिस-राजनीतिक गठजोड़ की जांच कर रही थी

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