जनआंदोलन बन चुका है अमृत महोत्सव, घर पर तिरंगा जरूर फहराएं…, पीएम मोदी ने की जनता से अपील

 


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से देश को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार ‘मन की बात’ बहुत खास है। इसका कारण है, इस बार का स्वतंत्रता दिवस, जब भारत अपनी आज़ादी के 75 वर्ष पूरे करेगा। हम सभी बहुत अद्भुत और ऐतिहासिक पल के गवाह बनने जा रहे हैं। ईश्वर ने ये हमें बहुत बड़ा सौभाग्य दिया है।

प्रधानमंत्री ने शहीद उद्यम सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, आज के ही दिन हम सभी देशवासी, शहीद उद्यम सिंह जी की शहादत को नमन करते हैं। मैं ऐसे अन्य सभी महान क्रांतिकारियों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मुझे ये देखकर बहुत खुशी होती है कि आज़ादी का अमृत महोत्सव एक जन आंदोलन का रूप ले रहा है। सभी क्षेत्रों और समाज के हर वर्ग के लोग इससे जुड़े अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। इस दिशा में इसी जुलाई एक बहुत ही रोचक प्रयास हुआ है, जिसका नाम है आज़ादी की रेलगाड़ी और रेलवे स्टेशन। इस प्रयास का लक्ष्य है कि लोग आज़ादी की लड़ाई में भारतीय रेल की भूमिका को जानें। पीएम मोदी ने कहा, झारखंड के गोमो जंक्शन को अब आधिकारिक रूप से नेताजी सुभाष चंद्र बोस जंक्शन गोमो के नाम से जाना जाता है। इसी स्टेशन पर कालका मेल में सवार होकर नेताजी सुभाष, ब्रिटिश अफसरों को चकमा देने में सफल रहे थे। देशभर के 24 राज्यों में फैले ऐसे 75 रेलवे स्टेशनों की पहचान की गई है। इन 75 स्टेशनों को बहुत ही खूबसूरती से सजाया जा रहा है। इनमें कई तरह के कार्यक्रमों का भी आयोजन हो रहा है।

पीएम ने कहा, आज़ादी के अमृत महोत्सव में हो रहे इन सारे आयोजनों का सबसे बड़ा सन्देश यही है कि हम सभी देशवासी अपने कर्तव्य का पूरी निष्ठा से पालन करें। तभी हम उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों का सपना पूरा कर पायेंगे। उनके सपनों का भारत बना पाएंगे। इसीलिए हमारे अगले 25 साल का ये अमृतकाल हर देशवासी के लिए कर्तव्यकाल की तरह है। हमारे वीर सेनानी हमें ये जिम्मेदारी देकर गए हैं और हमें इसे पूरी तरह निभाना है।

प्रधानमंत्री ने कहा, शहद को हमारे पारंपरिक स्वास्थ्य विज्ञान में कितना महत्व दिया गया है। आयुर्वेद ग्रंथों में तो शहद को अमृत बताया गया है। शहद, न केवल हमें स्वाद देता है बल्कि आरोग्य भी देता है। शहद उत्पादन में आज इतनी अधिक संभावनाएं हैं कि पढ़ाई करने वाले युवा भी इसे अपना स्वरोजगार बना रहे हैं। युवाओं की मेहनत से ही आज देश इतना बड़ा शहद उत्पादक बन रहा है। आपको जानकार ख़ुशी होगी कि देश से शहद का निर्यात भी बढ़ गया है।

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