मौत से पहले दो माह से खुले जंगल में घूम रही थी धात्री मादा चीता

 02 अगस्त 2023 | पिछले करीब दो महीने से खुले जंगल में घूम रही नामीबिया से लाई गई मादा चीता धात्री की मौत हो गई है। उसका शव बुधवार की सुबह जंगल में पड़ा मिला। प्रधान मुख्य वनसंरक्षक असीम श्रीवास्तव के अनुसार धात्री की मौत कैसे हुई, इसके बारे में उसके शव का पोस्टमार्टम होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। पिछले पांच महीने में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 20 चीतों में से छह की मौत हो चुकी है, जबकि भारत में ही पैदा हुए चार में से तीन शावकों ने भी दम तोड़ दिया है।

धात्री को पीएम मोदी ने 17 सितंबर 2022 को कूनो नेशनल पार्क में बने क्वारंटाइन बाड़े में छोड़ा था। कूनो के बाड़े में इस समय एक मादा शावक और 13 चीते हैं। कूनो प्रबंधन ने उनके स्वस्थ होने का दावा किया है। बता दें कि एक मादा चीता निर्वा अभी खुले जंगल में है।

कालर आइडी में खराबी के कारण कई दिनों से उसकी लोकेशन नहीं मिल रही थी। कूनो प्रबंधन ने अब दावा किया है कि उसकी लोकेशन मिल गई है। उसे एक-दो दिन में पकड़कर बाड़े में बंद किया जाएगा और स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।

दरअसल, कूनो में चीतों की लगातार मौत को लेकर रेडियो कालर से संक्रमण की बात सामने आने के बाद जंगल से सभी चीतों को पकड़कर बाड़े में लाया जा रहा है। मादा चीता निर्वा और धात्री के अलावा सभी चीतों को बाड़े में बंद किया जा चुका था। इन दोनों चीतों के पकड़ने के प्रयास चल रहे थे। इसी बीच, बुधवार को निगरानी दल को धात्री का शव मिला।



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