रायपुर। राज्य के टाइगर रिजर्व के कोर इलाके में शाम 6 से सुबह 6 बजे तक वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। केवल अतिआवश्यक सेवा में तैनात किए गए वाहनों को ही छूट रहेगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण (एनटीसीए) ने यह आदेश जारी किया है। इसका पालन सख्ती से करने के लिए छत्तीसगढ़ के साथ ही देशभर के सभी प्रधान मुख्य वन संरक्षक और टाइगर रिजर्व प्रभारियों को कहा गया है।
इसका उद्देश्य रात के समय विचरण करने वाले वन्य प्राणियों को सुरक्षा करने एवं उनका संरक्षण संवर्धन करना है। बताया जाता है कि रात में शिकारियों, तस्करी करने वाले और मालवाहकों का आवागमन हो रहा था। अक्सर वह कार और अन्य कमर्शियल वाहन का इस्तेमाल कर रहे थे। वहीं, तेज रफ्तार वाहनों की ठोकर से वन्य प्राणियों के घायल होने की घटनाएं भी हो रही थीं। बता दें कि राज्य में पिछले 15 सालों में वाहन की ठोकर से 60 से ज्यादा वन्य प्राणी घायल और मृत हो चुके हैं।
ग्रामीणों को आंशिक छूट : कोर इलाके में रहने वाले करीब 90 गांव के ग्रामीणों को आंशिक राहत मिल सकती है। प्रतिबंधित समय में आवागमन करने पर उनका रिकॉर्ड रखने के साथ ही नाका में पूछताछ करने के बाद भी प्रवेश दिया जाएगा। बिना अनुमति घूमते हुए पकड़े जाने पर कार्रवाई करने को कहा गया है। टाइगर रिजर्व उदंती सीतानदी के उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया कि एनटीसीए द्वारा रात के समय वाहनों के मूवमेंट से वन्य प्राणियों को होने वाली परेशानी से बचाने के लिए आदेश जारी किया गया है।
शिफ्ट होंगे वन्य ग्राम
एनटीसीए के निर्देश के बाद कोर एरिया के वन्य ग्रामों को शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए सभी टाइगर रिजर्व प्रभारियों से कोर और बफर क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों की जानकारी मांगी गई है। इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद उक्त गांव को शिफ्ट करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा। इसकी अनुमति मिलते ही दूसरे क्षेत्रों में शिङ्क्षफ्टग होगी।



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