रायपुर। जैम पोर्टल के जरिए खरीदी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने के आरोप में राज्य शासन ने नवीन वीरांगना रमोतिन माड़िया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय, नारायणपुर के प्राचार्य सहित पांच असिस्टेंट प्रोफेसर को निलंबित कर दिया है। जारी आदेश में साफ कहा है कि प्राचार्य व सहायक प्राध्यापकों के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया अलग से चलाई जाएगी।
जैम पोर्टल के जरिए खरीदी में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतने की शिकायत पर राज्य शासन ने जांच कमेटी बैठाई थी। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर प्रिंसिपल व पांच सहायक प्राध्यापकों को निलंबित कर दिया है। जारी निलंबन आदेश में लिखा है कि पी.एम. उषा मद से आबंटित की गई राशि में गड़बड़ी, जैम पोर्टल के माध्यम से सामग्री क्रय किये जाने में आर्थिक अनियमितता में संलिप्तता पायी गई है। तथा इनके द्वारा छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम 2002 यथा संशोधित 2025 के संगत नियमों का पालन नहीं किया गया है। उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत है।
प्राचार्य व सहायक प्राध्यापकों को किया निलंबित
डॉ. योगेन्द्र कुमार पटेल, प्राचार्य, भूषण जय गोयल, सहायक प्राध्यापक, किशोर कुमार कोठारी, सहायक प्राध्यापक, हरीश चंद बैद, सहायक प्राध्यापक, एवं नोहर राम, सहायक प्राध्यापक, नवीन वीरांगना रमोतिन माड़िया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय, नारायणपुर (छ.ग.) को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित करता है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय क्षेत्रीय अपर संचालक, कार्यालय जगलपुर (छ.ग.) निर्धारित किया जाता है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।
अब शुरू होगी विभागीय जांच की प्रक्रिया
केंद्र सरकार की योजना के तहत जैम पोर्टल से खरीदी में की गई गड़बड़ी को लेकर राज्य शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्राचार्य व सहायक प्राध्यापकों के निलंबन के बाद अब इनके खिलाफ विभागयी जांच की तलवार लटक गई है। राज्य शासन ने अपने आदेश में साफ किया है कि निलंबन के बाद गड़बड़ी व भ्रष्टाचार को लेकर प्राचार्य व सहायक प्राध्यापकों के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया अलग से प्रारंभ की जाएगी। माना जा रहा है कि जल्द ही राज्य शासन द्वारा इनके खिलाफ विभागीय जांच का आदेश भी जारी कर दिया जाएगा।
क्या है पीएम उषा योजना
पीएम-उषा (PM-USHA) प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान है, जो केंद्र सरकार की एक केंद्र-प्रायोजित योजना है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप उच्च शिक्षा में पहुंच, समानता, गुणवत्ता और पहुंच में सुधार करना है, जो पहले की RUSA योजना का विस्तार है, जिसमें फंडिंग केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 (या विशेष राज्यों के लिए 90:10) के अनुपात में होती है।
योजना का उद्देश्य पाठ्यक्रम, शिक्षक प्रशिक्षण, बुनियादी ढाँचे, मान्यता और रोजगार क्षमता में सुधार लाना है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उच्च शिक्षा में समानता, पहुंच और उत्कृष्टता सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। 2023-24 से 2025-26 तक पीएम-उषा योजना के लिए आवंटित राशि ₹12,926.10 करोड़ है।



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