स्व-सहायता समूह से जुड़कर बनी लखपति दीदी

 


रायपुर,20 फरवरी 2026 राज्य शासन की ग्रामीण आजीविका योजनाओं से महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है। बेमेतरा जिले के ग्राम धोबानी खुर्द की प्रीति पटेल इसकी उदाहरण हैं। वे लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, जिसके बाद उनके जीवन में आर्थिक सशक्तिकरण की नई शुरुआत हुई।

समूह से जुड़ने के उपरांत उन्हें सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) के अंतर्गत 60,000 रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। साथ ही बैंक ऋण लेकर उन्होंने सब्जी उत्पादन तथा बड़ी (पापड़-बड़ी) निर्माण का कार्य प्रारंभ किया। आय में वृद्धि होने पर उन्होंने बकरी पालन एवं गौ-पालन भी शुरू किया। वर्तमान में वे नियमित आय अर्जित कर परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर रही हैं और अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार हेतु प्रेरित कर रही हैं।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा “लखपति दीदी” अभियान के अंतर्गत महिलाओं को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण एवं विपणन सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक करने का लक्ष्य है। प्रीति पटेल को शासकीय आवास योजना का लाभ भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने बैंक ऋण एवं शासकीय सहायता से पक्का मकान निर्मित कराया। 


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