कृषि मंत्री चौबे और समाज कल्याण मंत्री भेंडि़या ने 7 श्रेणियों में दिए दिव्यांगजन राज्य स्तरीय पुरस्कार

 


रायपुर, अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस 3 दिसंबर के अवसर पर संसदीय कार्य एवं कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे के मुख्य आतिथ्य और समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंडि़या की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के माना कैम्प स्थित फिजिकल रिफरल रिहेबिलिटेशन सेंटर (पीआरआरसी) कार्यालय में दिव्यांगजन राज्य स्तरीय पुरस्कार एवं सम्मान समारोह 2020 का आयोजन किया गया।


समारोह में अतिथियों ने उत्कृष्ट कार्य के लिए 7 विभिन्न श्रेणियों में दिव्यांगजन राज्य स्तरीय पुरस्कार दिए और दिव्यांगजनों को अत्याधुनिक कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराने वाले फिजिकल रिफरेल रिहेबिलिटेशन सेंटर (पी.आर.आर.सी.) के लिए 2 करोड़ रूपये से तैयार नवीन भवन का लोकार्पण भी किया गया। निःशक्तजन के कल्याण हेतु उत्कृष्ट कार्य के लिए सर्वोत्तम जिला श्रेणी में बालोद जिले को राज्य स्तरीय पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया गया। समारोह में बालोद कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने शील्ड, प्रमाण पत्र, प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया। अतिथियों ने संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग में उप संचालक राउत द्वारा नृत्य शैली पर दिव्यांगों के लिए ब्रेल लिपि में तैयार पुस्तक ओडिसी प्रज्ञा का भी विमोचन किया। इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि रायपुर ग्रामीण पंकज शर्मा,समाज कल्याण विभाग के सचिव प्रसन्ना आर,संचालक पी.दयानंद,महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक दिव्या उमेश मिश्रा, विभागीय अधिकारी कर्मचारी सहित दिव्यांगजन और उनके परिजन उपस्थित थे।


कृषि मंत्री चौबे ने कहा कि दिव्यांगता की चुनौतियों से निपटने के उपाय और समाज के लिए दिव्यांगों का और दिव्यांगों के लिए समाज का योगदान क्या हो इस पर हमें गौर करने की जरूरत है। राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगों के सशक्तिकरण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन और महिलाओं के लिए क्लस्टर एप्रोच के साथ योजनाएं बननी चाहिए, जिसमें सभी विभाग समन्वय के साथ दिव्यांग कल्याण के लिए काम कर सकें। इसके लिए मनरेगा, आजीविका मिशन और गौठानों से समाज कल्याण और महिला बाल विकास विभाग को जोड़ सकते हैं। आर्थिक सशक्तिकरण के छोटे-छोटे कामों से दिव्यांगों के लिए बड़ा काम कर सकते हैं।

समाज कल्याण मंत्री भेंडिया ने अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हर दिव्यांग के सुख-दुख में राज्य सरकार साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में दिव्यांगजन के लिए कई काम किये जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में दिव्यांगों के लिए नौकरी में सर्वाधिक 7 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। राज्य में नौकरी में बड़ी संख्या में दिव्यांगों को रखा गया है। जिसकी केन्द्र से भी सराहना मिली है।

इस अवसर पर 78 दिव्यांगजनों को 15 मोटराइज्ड ट्रायसायकल, 04 सामान्य ट्राइसाइकल, 09 व्हीलचेयर व सीपी चेयर और 54 कृत्रिम अंग प्रदान किया गया। इसके साथ ही पढ़ई तुंहर दुआर योजना के तहत दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए 100 स्मार्ट फोन दिये गए। इसके साथ ही विभाग अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम द्वारा संचालित उत्थान सब्सिडी योजनांतर्गत 69 दिव्यांग हितग्राहियों को 3 लाख 78 हजार 675 रूपए का सब्सिडी चेक प्रदान किया गया। समारोह में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए दिव्यांगों को सीमित संख्या में सांकेतिक रूप से पुरस्कार दिए गए। इस अवसर पर अतिथियों ने दिव्यांग बच्चों द्वारा तैयार पेंटिंग, कलात्मक वस्तुओं और सजावटी सामानों का भी अवलोकन किया गया। विभाग द्वारा चौबे को दिव्यांग बच्चों द्वारा बनायी गई पेंटिंग भेंट की गई।

प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर दिव्यांग कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्था और जिले और सर्वोत्तम दिव्यांग कर्मचारियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। इस साल सर्वोत्तम दिव्यांग कर्मचारी के दृष्टि बाधित श्रेणी में जांजगीर-चांपा जिले के राजेन्द्र कुमार बेहरा, श्रवण बाधित श्रेणी में बिलासपुर जिले के अशोक कुमार तंबोली, अस्थि बाधित श्रेणी में धमतरी जिले के संतोष कुमार बांधव को पुरस्कृत किया गया। सर्वोत्तम स्वैच्छिक संस्था के लिए दृष्टि बाधित श्रेणी में जांजगीर-चांपा जिले के निःशक्तजन कल्याण सेवा समिति पामगढ़ और श्रवण बाधित संवर्ग के लिए दुर्ग जिले के ब्राईट शिक्षण एवं मानव कल्याण समिति और प्रमस्तिक अंगाघात/बहु विकलांग गृह की श्रेणी में दंतेवाड़ा जिले के सक्षम विशेष विद्यालय जावंगा को दिव्यांगजन राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। चयनितों को पुरस्कार के रूप में 5001 रूपए, प्रमाण पत्र और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। 

 

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