रोजगार, जल संरक्षण और आजीविका को मिला सशक्त आधार


रायपुर। बलरामपुर जिले के ग्राम सरगढ़ी निवासी रूपेंद्र तिर्की जी राम जी योजना के माध्यम से आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर उभरे हैं। योजना अंतर्गत डबरी निर्माण की सुविधा मिलने से उन्होंने मछली पालन कार्य प्रारंभ किया, जो आज उनकी नियमित आय का प्रमुख स्रोत बन गया है।

डबरी में उत्पादित मछलियों का उपयोग स्थानीय बाजार में विक्रय हेतु करते हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। मछली पालन से न केवल परिवार की पोषण आवश्यकताओं की पूर्ति हो रही है, बल्कि अतिरिक्त आय भी सुनिश्चित हुई है। डबरी में संचित जल का उपयोग समीपस्थ खेतों की सिंचाई में भी किया जा रहा है, जिससे फसलों की उत्पादकता में वृद्धि हुई है। आवश्यकता पड़ने पर आसपास के किसानों को भी पानी उपलब्ध कराया जाता है, जिससे गांव में आपसी सहयोग और जल संरक्षण को बढ़ावा मिला है।

तिर्की ने बताया कि मछली पालन और खेती से उन्हें लगभग 1 लाख 15 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई है। जी राम जी जैसी योजनाएं गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन का प्रभावी माध्यम बनकर समग्र ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

Post a Comment

0 Comments