तकनीक ने बदली धान खरीदी व्यवस्था : छत्तीसगढ़ में किसान अब घर बैठे काट रहे टोकन

 


रायपुर,20 जनवरी 2026 छत्तीसगढ़ में धान उपार्जन प्रक्रिया में अपनाए गए तकनीकी नवाचार किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहे हैं। पारदर्शी और डिजिटल धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों के अनुभव को पूरी तरह सकारात्मक बना दिया है। राज्य भर में कृषक अब स्मार्टफोन से घर बैठे धान विक्रय के लिए टोकन काट रहे हैं और उपार्जन केन्द्रों पर भीड़ और परेशानी से बच रहे हैं।

सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत करजी के किसान  उमाशंकर कुशवाहा ने बताया कि नई व्यवस्था ने धान विक्रय को सरल, तेज और सम्मानजनक बना दिया है। आठ एकड़ धान की खेती करने वाले कुशवाहा इस वर्ष 150 क्विंटल धान बेच रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले टोकन कटवाने के लिए समिति केन्द्र जाना पड़ता था, जहां घंटों कतार और प्रतीक्षा से किसान परेशान होते थे। लेकिन अब किसान तुहंर टोकन ऐप के माध्यम से 24×7 घर बैठे टोकन कटने लगे हैं, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था किसानों को निर्णय लेने में स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता देती है। अपनी सुविधा के अनुसार टोकन काटकर वे सीधे उपार्जन केन्द्र पहुंचते हैं, जिससे अव्यवस्था कम हुई है और खरीदी व्यवस्था सुगम हुई है।

करजी उपार्जन केन्द्र की प्रशंसा करते हुए कुशवाहा ने बताया कि केंद्र पहुंचते ही गेट पास, नमी परीक्षण और बारदाना समय पर उपलब्ध कराया गया। पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी होने से किसी भी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने समिति कर्मचारियों को सहयोगी और किसान-सेवा के प्रति तत्पर बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल का सर्वोच्च समर्थन मूल्य और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का लाभ मिल रहा है। यह किसानों की आर्थिक समृद्धि का मजबूत आधार बना है।

कुशवाहा ने यह भी कहा कि बेहतर आय मिलने से किसान फसल विविधीकरण की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे खेती में स्थिर आय के साथ नए अवसर बन रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ का किसान आत्मविश्वासी, सशक्त और खुशहाल है। तकनीकी सुधारों ने धान खरीदी को किसान हितैषी बनाया है।


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