सावन मास में शिव का हुआ आदिल पठान, अब कहलाने लगा आदित्य आर्य

 

शहर के महादेवगढ़ मंदिर में मुस्लिम युवक आदिल पठान (अब आदित्य आर्य) ने सनातन धर्म अपनाया है। इसके लिए उसने अपना मुंडन करवाया। विधि -विधान से पूजा और हवन करते हुए भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। उसने भगवान महादेव और सनातन धर्म में अटूट आस्था के चलते यह कदम उठाया है।

रामनगर निवासी आदिल सोमवार को महादेवगढ़ मंदिर पहुंचा। यहां उसने महादेवगढ़ संरक्षक अशोक पालीवाल के समक्ष अपनी आस्था बताई और सनातन धर्म अपनाने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद उसने मंदिर में शपथ पत्र भी बनवाकर दिया कि वह अपनी मर्जी से मुस्लिम धर्म को छोड़कर सनातन धर्म अपना रहा है।

उसका कहना है कि वह नर्मदानगर का निवासी है। उसकी मां की मौत के बाद पिता ने दूसरी शादी कर ली थी। इसके बाद वह परिवार के साथ यहां आकर रामनगर में रह रहा है। उसे बचपन से ही हिंदू धर्म प्रति लगाव रहा है। मुस्लिम धर्म में जिन पशुओं को छोटे से बड़ा किया जाता है, बाद में उसे ही काटकर खा जाते हैं।

यह सब उसे शुरू से अच्छा नहीं लगता था। उसने अपनी मर्जी से सनातन धर्म अपनाया है। इसके लिए उस पर किसी ने कोई दबाव नहीं डाला। उसने स्नान कर गंगा जल पिया और धोती-कुर्ता पहना। मंदिर में पंडित अश्विन खेड़े ने हाथ में कलेवा बांधा। इसके बाद चंदन का टीका लगाया। यहां पुजारी के साथ मंत्रों का उच्चारण करते हुए आदित्य ने हवन किया। हवन पश्चात उसने महादेवगढ़ भगवान का जलाभिषेक करते हुए आरती की।

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